अमरकंटक धाम की यात्रा और इसके पर्यटक स्थल

By | November 18, 2020

अमरकंटक धाम की यात्रा और इसके पर्यटक स्थल – नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सभी?  उम्मीद है कि आप सभी स्वस्थ होंगे।  मैं एक बार फिर से आप सभी का स्वागत करता हूं हमारे इस बिल्कुल नए आर्टिकल पर।  दोस्तों आज इस आर्टिकल में हम आपके लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर जानकारी लेकर आए हैं । आज इस आर्टिकल में हम आपको अमरकंटक यात्रा के बारे में जानकारी देंगे।  दोस्तों अगर आप भी अमरकंटक यात्रा जाना चाहते हैं तो आज का यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होगा इसीलिए आर्टिकल को आखिरी तक जरूर पढ़िए ।

दोस्तों वैसे तो इस विश्व में अनेक देश हैं और हर एक देश की अपनी एक अलग विशेषताएं हैं।  भारत जैसा देश आपको कहीं देखने को नहीं मिलेगा।  भारत की संस्कृति ही कुछ ऐसी है कि जो यहां आता है वह यहीं का होकर रह जाता है। भारत देश का इकलौता ऐसा देश है जो अपने धार्मिक संस्कृति के कारण पूरे विश्व में जाना जाता है।  हमारे देश में अनेक धार्मिक तीर्थ स्थान है। जहां पर वर्ष भर श्रद्धालु आते जाते रहते हैं।

अमरकंटक धाम की यात्रा और इसके पर्यटक स्थल

दोस्तों हमारे देश में अनेक तीर्थ स्थान है और हर एक तीर्थ स्थान की अपनी एक अलग ही आस्था श्रद्धा और विश्वास है।  पर इन सभी तीर्थ स्थानों में अमरकंटक की एक अलग ही महत्व रखता है । अमरकंटक को हमारे देश में तीर्थराज यानी कि तीर्थों का राजा भी कहा जाता है । अब आप यह समझ सकते हैं कि अमरकंटक हमारे देश में क्या छवि रखता है।

अगर आपको नहीं पता तो मैं आपको बता दूं कि अमरकंटक तीर्थ क्षेत्र मध्य प्रदेश राज्य स्थिति विंध्य पर्वत तथा सतपुड़ा पर्वत के बीच में है । आपको शायद ना पता हो पर नर्मदा नदी का उद्गम भी अमरकंटक से ही हुआ है।  अमरकंटक में वर्ष भर श्रद्धालु आते जाते रहते हैं ।  यहां की रौनक हर महीने एक जैसी रहती है। अमरकंटक में अनेक ऐसी जगह है जो टूरिस्ट को अपनी ओर आकर्षित करती रहती हैं।

अमरकंटक की इसी विशेषता के कारण सैलानी यहां आने का प्लान बनाते हैं।  दोस्तों अगर आप भी उन्हीं में से एक है जो अमरकंटक यात्रा का प्लान बना रहे हैं तो आज इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपके सारे डाउट क्लियर हो जाएंगे तथा आप अपनी यात्रा का आनंद दोगुना ले पाएंगे ।

एक नजर अमरकंटक तीर्थ स्थल की ओर

ऊंची ऊंची पहाड़ियों से घिरा हुआ अमरकंटक अपनी एक अलग ही विशेषता रखता है । अमरकंटक 1065 मी ऊंचाई पर स्थित है।  यह एक प्रकार का हिल स्टेशन भी है जो मध्यप्रदेश राज्य में है । लोग यहां पर अपनी छुट्टियां बिताने के लिए आते हैं। कुछ लोग जो ईश्वर में आस्था रखते हैं वहां पर पूजा अर्चना के लिए भी आते हैं।  अमरकंटक के आसपास आपको अनेक घने जंगल मिल जाएंगे। इन घने जंगलों में अनेक की जड़ी बूटियां पाई जाती है।  यहां पर आपको अनेक असाध्य रोगों की औषधियां मिलेंगी । वैद्य अपनी जड़ी-बूटी बनाने के लिए अमरकंटक के जंगलों का ही इस्तेमाल करते हैं।

अमरकंटक का माहौल एकदम शांत है।  यहां पर आप अपने फ्रेंड फैमिली वाइफ रिश्तेदार किसी के साथ भी आ सकते हैं। अगर आप धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं तो आप यहां पूजा अर्चना के लिए आ सकते हैं।  अगर आपको हिल स्टेशन का आनंद लेना है तो भी आप यहां पर आ सकते हैं।   अमरकंटक यात्रा पर आने से पहले आपको यहां की कुछ मुख्य बातों के बारे में जानना होगा ताकि आपको यहां पर कोई समस्या ना हो।

अमरकंटक तीर्थ क्षेत्र से नर्मदा नदी , छीवना नदी तथा जोहिला नदी का उद्गम होता है।  दोस्तों ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव ने स्वयं नर्मदा नदी को एक वरदान दिया था इसीलिए इस नदी की महत्वता और बढ़ जाती है । लोगों का मानना है कि नर्मदा नदी में नहाने से उनके सारे पाप दूर होते हैं तथा वह पुण्य को प्राप्त करते हैं।  यहां सबकी मनोकामना पूर्ण होती है ।

अमरकंटक के प्रमुख पर्यटक स्थल –

दोस्तों वैसे तो अमरकंटक में अनेक तीर्थ स्थान है जो अपनी एक अलग ही विशेषता बताते हैं।  पर इनमें से कुछ प्रमुख तीर्थ स्थानों के बारे में हम आपको जानकारी देने जा रहे हैं ताकि आप इतने अच्छे से जान पाए और जब भी अमरकंटक घूमने जाएं तो इन स्थानों पर जरूर जाएं।

नर्मदा कुंड अमरकंटक –

जब भी आप अमरकंटक में घूमने आए तो नर्मदा कुंड जरूर जाएं।  नर्मदा कुंड अमरकंटक का एक बहुत ही प्रमुख तीर्थ स्थान है।  नर्मदा कुंड नर्मदा नदी का मुख्य उद्गम स्थान है । नर्मदा नदी में आपको प्राचीन मूर्तियां देखने को मिलेंगी।  यह मूर्तियां नर्मदा मंदिर में स्थित हैं।  इनमें से भगवान शिव अन्नपूर्णा गुरु गोरखनाथ राम जानकी राधा कृष्ण की मूर्तियां प्रमुख हैं। कुल मूर्तियों की संख्या 16 है जो बहुत ही प्राचीन है । तथा एक अलग ही इतिहास बताती है।

कपिल धारा अमरकंटक –

दोस्तों अमरकंटक में आपको अनेक झरने देखने को मिल जाएंगे।  कपिलधारा में सबसे बड़ा झरना है । यह झरना अमरकंटक का पहला जाना माना जाता है।  आपको जानकार आश्चर्य होगा कि यह जानना 100 फीट की ऊंचाई से नीचे आता है । आप इसे 6 किलोमीटर दूर से ही देख सकते हैं। यहां का माहौल एक अलग ही शांति देता है। यहां पर आप अपनी फैमिली के साथ घूमने आ सकते हैं आपको एक अलग ही सुकून महसूस होगा।

त्रिमुखी मंदिर अमरकंटक

अमरकंटक यात्रा के दौरान त्रीमुखी मंदिर के दर्शन करना ना भूलें।  त्रिमुखी मंदिर अमरकंटक की पहाड़ी पर एक चोटी में स्थित है।  ऐसा माना जाता है कि यह भारत का सबसे पुराने मंदिर में है।  आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मंदिर का निर्माण कल्लू  के शासनकाल में हुआ था।  इसका निर्माण करणदेव महाचंद्र ने किया था।  इसी वजह से इस मंदिर का नाम कर्न मंदिर पड़ा।  यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।

सोनाक्षी शक्तिपीठ मंदिर अमरकंटक

विश्व की प्रमुख शक्तिपीठों में से सोनाक्षी शक्ति पीठ मंदिर भी बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है।  यह मंदिर अमरकंटक में है।  इस मंदिर का निर्माण बहुत ही पुराने समय में देवी सोनाक्षी के सम्मान में हुआ था।  ऐसा माना जाता है कि यहां पर अनेक साधु सिद्धियां प्राप्त करने के लिए आते हैं । नवरात्र के अवसर पर इस मंदिर की भीड़ देखने लायक होती है ।  लोग यहां पर सोनाक्षी मां का आशीर्वाद लेने के लिए बड़ी संख्या में उपस्थित होते हैं।

दूध धारा अमरकंटक

अमरकंटक घूमने आए तो यहां पर दूध धारा जाना ना भूलें । यहां पर आपको एक से एक सुंदर झरने का दृश्य देखने को मिलेगा । यहां पर आपन दूधिया रंग का झरना देख सकते हैं जो कि पूरे भारत में इकलौता  है।  यह अपने आप में ही आश्चर्य प्रदान करता है क्योंकि इस झरने का रंग दूध के रंग जैसा है।  जिस वजह से इस झरने का नाम दूधिया झरना  है।

माई की बगिया अमरकंटक

जब आप अमरकंटक में नर्मदा कुंड के 5 किलोमीटर आगे बढ़ेंगे तो वहां पर आपको बगिया देवी आश्रम देखने को मिलेगा। यह कोई आश्रम नहीं है यह एक पर्यटन स्थल है।  यह जगह बहुत ही शांत है और यहां पर अनेक सैलानी अपना समय व्यतीत करने के लिए आते हैं।  जब आप अमरकंटक यात्रा में थक जाए तो आप इस जगह पर आकर आराम कर सकते हैं।  यहां पर आपको अनेक किस्म के पेड़ पौधे देखने को मिलेंगे।  यहां पर आप केले के पेड़ आम के पेड़ ,  गुलाब जैसे अनेक बेशकीमती फूल की खेती देख सकते हैं । फोटोशूट के लिए जाएगा अच्छा स्थान है।

जलेश्वर महादेव मंदिर अमरकंटक

यह मंदिर भगवान भोलेनाथ के प्रमुख मंदिरों में से एक है।  यह मंदिर अमरकंटक के मुख्य शहर से केवल 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । जब आप अमरकंटक के से उत्तर पूर्व की ओर आगे बढ़ेंगे तो आपको जलेश्वर महादेव मंदिर का दर्शन होगा । यह मंदिर भगवान शिव के काले शिवलिंग की वजह से अपनी एक अलग ही विशेषता दिखाता है।

यह मंदिर शिव भक्तों के लिए एक अलग ही आस्था का केंद्र है। जब भी कोई अमरकंटक यात्रा पर आता है तो इस मंदिर में जरूर जाते हैं । ऐसा माना जाता है कि यहां पर मांगी गई मनोकामना जरूर पूर्ण होती है।

अमरकंटक घूमने जाने का सबसे अच्छा समय

आइए हम आपको बताते हैं कि अगर आप अमरकंटक यात्रा पर जा रहे हैं तो आपको किस मौसम में जाना चाहिए क्योंकि अगर आप गलत समय पर चले गए तो आपको यात्रा का आनंद नहीं आएगा अमरकंटक जाने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर में शुरू होता है अब अक्टूबर से लेकर फरवरी के बीच में कभी भी अमरकंटक यात्रा पर जा सकते हैं।

अमरकंटक में रुकने के होटल्स

अमरकंटक में आपको रहने के पर्याप्त स्थान नहीं मिलेंगे। अमरकंटक में रहने के लिए होटल लिमिटेड संख्या में ही है इसीलिए जब भी आप अमरकंटक यात्रा का प्लान बनाए तो आप इन होटल की बुकिंग पहले से ही कर ले ताकि आपको बाद में कोई समस्या का सामना ना करना पड़े।

अमरकंटक में आपको हर कैटेगरी के होटल मिल जाएंगे । अगर आपके पास ज्यादा बजट नहीं है तो आप छोटा होटल ले सकते हैं पर अगर अब के बाद अच्छा बजट है तो आप तो आप फाइव स्टार तक का होटल पर बुक कर सकते हैं।

फ्लाइट से अमरकंटक केसे पहुचें –

अगर आप फ्लाइट मार्ग से अमरकंटक आना चाहते हैं तो आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि अमरकंटक आने के लिए आपको जबलपुर एयरपोर्ट का इस्तेमाल करना होगा । जबलपुर एयरपोर्ट अमरकंटक से मात्र 254 किलोमीटर पर है । इस एयरपोर्ट पर उतरकर आप टैक्सी कैब बुक कर सकते हैं और वहां से अमरकंटक आ सकते हैं।

ट्रेन से अमरकंटक केसे जायें –

अगर आप ट्रेन का इस्तेमाल करके अमरकंटक जाना चाहते हैं तो आप अमरकंटक के नजदीकी रेलवे स्टेशन जबलपुर आ सकते हैं । जबलपुर सबसे पास का रेलवे स्टेशन है।  आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमरकंटक से 17 किलोमीटर दूर भी ट्रेन रूकती हैं पर यह ट्रेन सिर्फ लोकल ट्रेन होती हैं।  अगर आप दिल्ली मुंबई या किसी बड़े शहर से अमरकंटक जा रहे हैं तो आपकी ट्रेन वहां नहीं रुकेगी इसीलिए आपको जबलपुर पर ही रुकना पड़ेगा।

निष्कर्ष

तो दोस्तों ये आपके लिए छोटी सी जानकारी थी । आज इस आर्टिकल में हमने आपको बताया कि अमरकंटक यात्रा कैसे करें । आज हमनेअमरकंटक यात्रा से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी और यहां पर प्रमुख तीर्थ स्थानों के बारे में बताया । हमें उम्मीद है कि या जानकारी आपको पसंद आई होगी।  अगर आप इसी प्रकार की जानकारियां पाना चाहते हैं तो हमारा आर्टिकल प्रतिदिन पढ़िए।  अपना कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद