Sights of Chitrakoot – चित्रकूट के प्रमुख 10 आकर्षक और दर्शनीय स्थलों की जानकारी

By | June 9, 2021

चित्रकूट के प्रमुख 10 आकर्षक और दर्शनीय स्थलों की जानकारी : यह छोटा सा पर्यटन शहर है, जो उत्तर प्रदेश राज्य के चित्रकू और मध्यप्रदेश राज्य के सतना जिले में स्थित है पौराणिक कथाओं में आता है, कि श्री राम जी अपने वनवास काल के समय अपने भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ इस स्थान पर कुछ समय के लिए रुके थे कहते हैं कि रामजी ने अपने 14 वर्ष के वनवास में से 11 वर्ष इसी स्थान पर बिताए थे चित्रकूट धाम महाकाव्य रामायण की वजह से और भी अधिक प्रसिद्ध हुआ है

चित्रकूट धाम में कई ऐसे दर्शनीय स्थान है, जो मनोरंजन के साथ-साथ आस्था का भी केंद्र हैं

1 गुप्त गोदावरी : चित्रकूट में रामघाट से दक्षिण दिशा में लगभग 19 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गुप्त गोदावरी नाम की यह गुफा देखने में बहुत ही आकर्षक है गुफा के अंदर स्थित चट्टानों से एक धारा निरंतर सालों साल बहती रहती है जिसको गोदावरी के नाम से जाना जाता है

2 रामघाट : यह दर्शनीय स्थान मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित है यहां आने जाने वाले भक्त इस नदी में स्नान करके इसकी पूजा अर्चना करते हैं इसके पश्चात राम मंदिर के दर्शन को जाते हैं, साथ ही चित्रकूट धाम के अनेक दर्शनीय स्थानों के भी दर्शन करते हैं

3 : सती अनुसुइया आश्रम : यह स्थान चित्रकूट शहर से लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पर एक घने जंगल में स्थित है महाकाव्य रामायण के अनुसार महर्षि अत्री अपनी पत्नी अनुसुइया और अपने तीनों पुत्रों के साथ इस स्थान पर निवास करते थे

4 भरत मिलाप : भगवान श्री रामचंद्र जी के वनवास जाने के पश्चात श्री भरत जी इसी स्थान पर आकर भगवान श्रीराम से मिले थे,  जिस पर इस स्थान का नाम भरत मिलाप के नाम से जाना जाता है इस मंदिर में भगवान राम के पद चिन्हों के निशा अभी भी मौजूद है

5 कामदगिरि पर्वत : इस स्थान का हरा भरा नजारा यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करता है कामदगिरि पर्वत का आकार देखने में धनुष की तरह प्रतीक होता है स्थान श्रद्धालुओं को बहुत ही प्रिय लगता है कहते हैं, कि इस खूबसूरत सृष्टि की रचना करते समय परमपिता ब्रह्मा जी ने इस पावन स्थान पर 108 अग्नि कुंडो से हवन किया था

6 : हनुमान धारा : चित्रकूट में हनुमान धारा श्रद्धालुओं का एक प्रमुख स्थल है जो कि चित्रकूट से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है श्री हनुमान जी के दर्शन करने के लिए भक्त इस पर्वत की 360 सीढ़ियों को चढ़ते हैं कहते हैं कि लंका में आग लगाने के पश्चात श्री हनुमान जी इसी पर्वत पर आए थे, और यहां के ठंडे जल से अपने गुस्से को शांत किया था इसी वजह से इस धारा को श्री हनुमान धारा के नाम से जाना जाता है

7 : जानकी कुंड : मंदाकिनी नदी का ही एक किनारा जो जानकीकुंड के नाम से विख्यात है कहते हैं, कि वनवास के समय प्रभु श्री रामचंद्र जी माता जानकी और लक्ष्मण जी के साथ चित्रकूट धाम आए उस समय माता जानकी का पसंदीदा स्थान यही हुआ करता था यहां पर मां जानकी के पद चिन्हों के निशान पाए जाते हैं यहीं पर राम जानकी का एक मंदिर भी है, और पास ही श्री हनुमान जी की विशाल प्रतिमा भी स्थापित है

बुर्ज खलीफा एक प्रमुख पर्यटन स्थल /  घूमने के लिए एक बेहतरीन स्थान

8 भरतकूप : चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भरतकूप एक बहुत अच्छा दर्शनीय स्थल है। चित्रकूट से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भारतपुर नामक गांव में ही एक विशाल कुंआ है, कहते हैं कि महर्षि अत्रि के कहने पर भरत जी ने कई पावन स्थलों का जल इस कुएं में डाला था

9 लक्ष्मण चौकी : प्रभु श्री राम और माता सीता की रक्षा हेतु श्री लक्ष्मण जी इस चट्टान पर बैठकर पहरेदारी करते थे इस स्थान पर लक्ष्मण जी के पैरों के निशान देखे जा सकते हैं इसी कारण से इस चट्टान का नाम लक्ष्मण चौकी के नाम से प्रसिद्ध हुआ

10 : प्रमोद वन : प्रमोद वन भी चित्रकूट में घूमने का एक अच्छा स्थान है। प्रमोद वन रामघाट से केवल 2 किलोमीटर की दूरी पर सतना रोड में स्थित है मंदाकिनी नदी के किनारे एक सुंदर सा बगीचा है,किसी बगीचे का नाम प्रमोद वन है

यह चित्रकूट धाम के कुछ खास स्थल है जो दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं यहां आकर प्रत्येक श्रद्धालु के मन को शांति मिलती है और इस स्थान पर भारी मात्रा में बंदरों की संख्या भी देखने को मिलती है