तमिलनाडु के अंबासमुद्रम में घूमने लायक 6 जगहें

By | August 27, 2021

तमिलनाडु के अंबासमुद्रम में घूमने लायक 6 जगहें – यदि आप दक्षिण भारत के राज्य तमिल नाडु यात्रा करने गए हैं तो तिरुनेलवेली जिले के प्रमुख कस्बे में स्थित अंबासमुद्रम का पर्यटन करना आपके लिए काफी अच्छा होगा। अंबासमुद्रम थामिराबरानी नदी के उत्तरी तट पर पश्चिमी घाट की तलहटी में बसा हुआ है। इस शहर को विलनकुरिचि के नाम से भी जाना जाता है। यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं तो यहां पर आपको ऐसी बहुत सारी जगहें घूमने को मिलेंगे जो आपका मन मोह लेंगे। इसलिए इस आर्टिकल में हम आपको तमिलनाडु के अंबासमुद्रम में घूमने लायक 6 जगहें बताने जा रहे हैं।

अंबासमुद्रम कैसे पहुँचें?

यदि आप हवाई मार्ग द्वारा अंबासमुद्रम पहुंचना चाहते हैं तो आपको त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट के लिए टिकट लेना होगा। त्रिवेंद्रम शहर से अंबासमुद्रम की दूरी 160 किलोमीटर है। यदि आप रेल मार्ग से अंबासमुद्रम पहुंचना चाहते हैं तो आप को अंबासमुद्रम रेलवे स्टेशन के लिए टिकट लेना पड़ेगा। यहां पर राज्य के अलग-अलग कस्बो से नियमित ट्रेनें आती जाती रहती हैं। इसके अलावा बस के द्वारा आप अंबासमुद्रम पहुंच सकते हैं। त्रिवेंद्रम एवं तमिलनाडु के अन्य जिलों से यहां पर नियमित बसें आती जाती रहती हैं।

अंबासमुद्रम जाने का सही समय क्या है?

यदि आप अंबासमुद्रम घूमने का आनंद लेना चाहते हैं तो ठंड के मौसम में यहां पर्यटन करना आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। क्योंकि इस समय अंबासमुद्रम शहर का मौसम काफी सुहावना बना रहता है और गर्मी भी बिल्कुल नहीं रखती है। वैसे तो आप सभी जानते होंगे कि तमिलनाडु का मौसम काफी गर्म होता है इसीलिए ठंडी का समय यहाँ पर पर्यटन के लिहाज से काफी अच्छा होता है।

तमिलनाडु के अंबासमुद्रम में घूमने लायक 6 जगहें

1. मनिमाथुर बाँध

मनिमाथुर बाँध तिरुनेलवेली जिले का सबसे बड़ा जलाशय है। यदि आप अंबासमुद्रम में अपने लिए किसी अच्छे पिकनिक स्पॉट की तलाश कर रहे हैं तो यह एक परफेक्ट जगह है। यह देखने में काफी खूबसूरत लगता है और इसके बगीचे पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। मनिमाथुर बांध से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मनिमाथुर झरना भी एक बहुत ही अच्छा दृश्य है।

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2. पापनासम बांध और झरना

पापनासम बाँध एक मानव निर्मित बांध है जो तिरुनेलवेली से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पपनासम बाँध के पास के गाँव से तमिराभरनी नदी बहती है, जिसमें से पपनासम झरना बहता है। लोग ऐसा मानते हैं कि इस झरने के पानी में नहाने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। इसी कारण से इसे पापनासम झरना कहा जाता है। इस झरने को अगस्थियार झरने के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस जगह पर संत अगस्थियार से पहले भगवान शिव और मां पार्वती प्रकट हुए थे। इसीलिए इसे अगस्थियार झरना भी कहते हैं।

3. अगस्थियार मंदिर

अगस्थियार मंदिर थामिराबरानी नदी के तट पर पापनासम झरने के बाद बना हुआ है। यह मंदिर द्रविड़ शैली और वास्तुकला में बना है, जिसकी दीवारों पर हिंदू देवी-देवताओं के चित्र बने हुए हैं। इस मंदिर में संत अगस्तियार से पहले भगवान शिव एवं मां पार्वती प्रकट हुए थे। इसीलिए इस स्थान पर अगस्थियार मंदिर बनाया गया।

4. पापनासनाथर मंदिर

द्रविड़ वास्तुकला में बना हुआ पापनासनाथर मंदिर अंबासमुद्रम के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जो तिरुनेलवेली जिले के पापनासम गांव में स्थित है। इस मंदिर में पापनासनाथर (भगवान शिव) और उलगाम्माई (मां पार्वती) की पूजा होती है। यह मंदिर काफी खूबसूरत दिखाई देता है। भगवान शिव और माता पार्वती के इस मंदिर में 3 भाग 7 गेटवे टावर बने हुए हैं।

5. बाना तीरथम झरना

तिरुनेलवेली से 7 किलोमीटर दूर बाना तीरथम झरना पश्चिमी घाट के सामने बना हुआ है जो देखने में काफी खूबसूरत एवं आकर्षक लगता है। इस झरने के पानी को औषधीय एवं आध्यात्मिक रूप से काफी महत्वपूर्ण भी माना जाता है। कई लोग यह भी मानते हैं कि अगस्थियार ऋषि इसी झरने के आसपास घूमा करते थे। इसीलिए बहुत सारे लोग इस झरने के पानी को औषधीय गुणों से भरपूर भी मानते हैं।

6. थामिराबरानी नदी

थामिराबरानी नदी पश्चिमी घाट में पेरिया पोथिगई की पहाडियों की चोटि से निकलती है। थमिरन के नाम पर इस नदी का नाम रखा गया है। इस नदी के पानी को औषधीय गुणों के कारण काफी महत्व दिया जाता है और इससे कई प्रकार के रोगों का इलाज भी किया जा सकता है। इस नदी के आसपास के पर्वतों में ऋषि अगस्थियार ध्यान करते थे। इसीलिए यदि आप अंबासमुद्रम की यात्रा पर आए हैं तो इस नदी में डुबकी लगाना बिल्कुल ना भूलें। इस नदी पर कई सारे बांध भी बने हुए हैं।